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हिमाचल में EVM सुरक्षा पर 8 करोड़ का खर्चा:हार का डर या हेराफेरी की आशंका! EVM की सुरक्षा के लिए पहरा क्यों दे रहे कैंडिडेट्स

 हिमाचल में EVM सुरक्षा पर 8 करोड़ का खर्चा:हार का डर या हेराफेरी की आशंका! EVM की सुरक्षा के लिए पहरा क्यों दे रहे कैंडिडेट्स

हिमाचल में EVM
हिमाचल में EVM
प्रदेश के सभी 68 हल्कों में पड़े वोट ईवीएम में कैद हो गए हैं. आठ दिनों से ये ईवीएम तीन स्तरीय सुरक्षा लेयर में कैद हैं. सभी जिला व सहायक निर्वाचन अधिकारी तय मापदंडों से इसकी खुद भी समय-समय पर दबिश देकर निगरानी कर रहे हैं.
हिमाचल में मतदान के बाद EVM की सुरक्षा के लिए निर्वाचन विभाग ने पुख्ता इंतजाम किए हुए हैं। EVM सुरक्षा के 3 घेरों के बीच स्ट्रॉन्ग रूम में रखी गई है। प्रदेश के सभी 68 विधानसभा क्षेत्रों में स्ट्रॉन्ग रूम बनाए गए हैं जहां पर संबंधित विधानसभा क्षेत्रों के पोलिंग बूथ से EVM हो डबल लॉक के बीच सुरक्षित रखा गया है।
EVM की मशीनें सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के सामने फुल प्रूफ तरीके से स्ट्रॉन्ग रूम में डबल लॉक के अंदर रखी गई। EVM की सुरक्षा के लिए स्ट्रॉन्ग रूम के अंदर और बाहर CCTV कैमरे का भी कड़े पहले की व्यवस्था की गई है।
हिमाचल विधानसभा चुनाव को लेकर 12 नवंबर को मतदान हो चुका है. इस बार वोटिंग एक ही चरण में संपन्न हो गई. इस दौरान कहीं भी हिंसा की वारदात नहीं हुई. न तो कहीं फायरिंग की घटनाएं हुईं और न ही कोई मारपीट. मतदान के बाद ईवीएम स्ट्रांग रूम में कैद हैं. लेकिन, इस बीच कुछ प्रत्याशी चुनाव परिणामों के हेराफेरी को लेकर सशंकित हैं. इस वजह से वह स्ट्रांग रूम के बाहर तंबू लगाकर पहरा दे रहे हैं. इसकी चर्चा प्रदेश में चारों ओर हो रही है.इस बार हिमाचल प्रदेश में न कोई बूथ कैप्चरिंग की आवाज सुनाई दी और न किसी बूथ स कोई अप्रिय घटना का समाचार आया. आठ हजार मतदान केंद्रों में से किसी पर भी दोबारा मतदान की नौबत नहीं आई.मतदान की प्रक्रिया उत्सव और त्योहार की तरह निपट चुकी है. प्रत्याशी नतीजों का इंतजार कर रहे हैं. नतीजे आठ दिसंबर को आएंगे.

स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर सुरक्षा के लिए तैनात जवानों शिफ्ट में देंगे ड्यूटी तीन स्तरीय सुरक्षा लेयर में कैद हैं ईवीएम

स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर EVM की सुरक्षा के लिए निर्वाचन विभाग ने जो 3 टायर सुरक्षा का पहरा लगाया है, उसमें तैनात जवान शिफ्ट में अपनी ड्यूटी देंगे। सबसे बाहर जिला की पुलिस के जवान तैनात रहेंगे, उससे अंदर दूसरी लेयर में स्टेट आर्म पुलिस के जवान तैनात रहेंगे सबसे अंदर और मुख्य द्वार पर CAPF के जवान तैनात हैं। यह सभी 24 घंटे EVM की सुरक्षा के लिए अपना पहरा देंगे।
जो जीतता है उसके लिए ईवीएम सबसे सुरक्षित, सबसे विश्वसनीय और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक युग का अवतार कहा जाता है, मगर यदि हार गए तो यही ईवीएम खलनायक, अविश्वसनीय और असुरक्षित कही जाने लगती है. ऐसा हाल के चुनावों में देखा गया है. प्रदेश के सभी 68 हल्कों में पड़े वोट ईवीएम में कैद हो गए हैं. आठ दिनों से ये ईवीएम तीन स्तरीय सुरक्षा लेयर में कैद हैं. सभी जिला व सहायक निर्वाचन अधिकारी तय मापदंडों से इसकी खुद भी समय-समय पर दबिश देकर निगरानी कर रहे हैं, स्ट्रांग रूमों में बंद सभी ईवीएम सीसीटीवी कैमरों की नजर में हैं, तो फिर इनके हैक होने, चोरी, हेराफेरी व बदल बदलाव का डर कैसा! दरअसल, कांग्रेस के कुछ उम्मीदवार ईवीएम स्ट्रांग रूमों के बाहर तंबू लगाकर पहरा डाले हुए हैं.

स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर राजनीतिक दल रख सकते हैं अपने एजेंट

सुरक्षा के कड़े पहरे के बीच भी अगर किसी राजनीतिक दल को EVM की सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह का कोई संदेह हो तो वह स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर अपना एजेंट भी रख सकता है, ताकि वह EVM की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त रहे।

स्ट्रांग रूमों के बाहर तंबू लगाकर कार्यकर्ता दे रहे पहरा

एक तरफ कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद के लिए तेजी से लाबिंग हो रही है. कुछ नेता स्वर्गीय मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निजी आवास हॉलीलाज, जहां पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह व उनका विधायक बेटा जो सलाहकार भी माना जाता है, के चक्कर काट रहे हैं, तो कुछ नेता अनजाने डर या फिर कहें कि होड़ में आकर ईवीएम स्ट्रांग रूमों के बाहर तंबू लगाकर कार्यकर्ताओं के साथ पहरा दे रहे हैं. उना, हमीरपुर, कुल्लू, बिलासपुर व अन्य जिलों में भी एक-दूसरे की देखादेखी तंबू गाड़ कर उम्मीदवारों के समर्थक पहरा दे रहे हैं. हार से ज्यादा उम्मीदवारों को हेराफेरी का डर सता रहा है.

EVM की 25 दिन की सुरक्षा पर खर्च होंगे 8 से 10 करोड़

EVM की सुरक्षा निर्वाचन विभाग के लिए आसान काम नहीं है। इसकी सुरक्षा पर विभाग को 8 से 10 करोड़ों के खर्च करने पड़ेंगे। EVM की सुरक्षा के लिए प्रदेश में 68 स्ट्रॉन्ग रूम बनाए गए हैं। उसके बाहर सुरक्षा का कड़ा पहरा लगाया गया है। इसमें करीब 50 जवान EVM की सुरक्षा के लिए अपनी ड्यूटी देंगे। राज्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग ने बताया कि 25 दिनों तक EVM को स्ट्रॉन्ग रूम में 3 टायर सुरक्षा में रखा जाएगा।





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